गुरुवार, 6 जनवरी 2011

बुलंद इरादे व सहज व्यक्तित्व -जनमित्र -जन सहयोगी - अमर अग्रवाल !

बुलंद इरादे व सहज  व्यक्तित्व -जनमित्र -जन सहयोगी -  अमर अग्रवाल 
वाणिज्यिक कर, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री  छत्तीसगढ़ 

श्री अमर अग्रवाल का व्यक्तित्व 
सरल सौम्य व्यक्तित्व के धनी श्री अग्रवाल को कुशल संगठक के गुण पैतृक विरासत में मिले। किशोरावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक के रूप में संगठनात्मक गुणों को आत्मसात करते हुये विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़कर श्री अग्रवाल ने स्वयं की नेतृत्व क्षमता का परिमार्जन किया। परिस्थितियां चाहें विषम हो या अत्यल्प समय में कोई चुनौती पूर्ण निर्णय का विषय हो, धैर्य के साथ सबके के मन की बात को जानकर त्वरित एवं तार्किक निर्णय करना श्री अग्रवाल की सबसे बड़ी विशेषता है। व्यवसायिक कुशलता आर्थिक मुद्दों की समझ परिवार की व्यवसायिक पृष्ठ भूमि में श्री अग्रवाल ने अध्ययन के दौरान ही हासिल कर ली थी। सम-सामायिक विषय हो या राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मुद्दें या फिर सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक नीति से संबंधित कोई बात हो श्री अग्रवाल बड़ी सहजता से धर्म और विज्ञान के मायनों मे आम आदमी के प्रति सुविधाजनक दृष्टिकोण से विधिक और न्याय प्रिय नजरिया रखते है जिस कारण यदाकदा वर्तमान प्रचलित संस्कृति के प्रचार-प्रसार के माध्यमों से उन्हें दुख भी होता है किन्तु स्वभाव से अंर्तमुखी होने के कारण वे कम ही प्रतिक्रिया करते है। धार्मिक प्राकृतिक मनोरम स्थलों का प्रवास उनकी ऊर्जा का प्रमुख श्रोत है, जिससे ओतप्रोत होकर दृढ इच्छाशक्ति और मुख्यमंत्री डॉ .रमन सतत नेतृत्व मे सहभागी होकर  वे राज्य के समग्र विकास हेतु प्रयासरत् है। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में श्री अग्रवाल की गहरी रूचि है साधु, संतो के सम्मान सत्कार का कोई अवसर चाहे कितनी व्यस्ततायें क्यों न हो वे कभी नही चूकते। गुरूजनों, बड़े बुर्जुगों का सम्मान, मित्रों के साथ सदव्यवहार, छोटों को स्नेह देना उन्हें खूब आता है। स्वभाव से अतिसरल और भावुक होते हुये भी वे भावनात्मक रूप से तटस्थ तथा गूढ नजर आते हैं, लेकिन कार्यप्रबंधन को जीवन प्रबंधन के साथ जोड़कर सरलता से निष्पादन करना ही उनकी प्रमुख कार्यशैली है। संगीत, सिनेमा, साहित्य से उनका मित्रवत् लगाव है, बदलते समय के साथ मनोरंजन के साधनों में वे आज भी समाजीकरण के मूलभूत सिद्धांतों के समर्थक है।


श्री अमर अग्रवाल का जीवन परिचय
श्री अमर अग्रवाल का जन्म 22 सितम्बर 1963 को हुआ। वे कामर्स स्नातक हैं। वे महाविद्यालयीन शिक्षा के दौरान ही सक्रिय राजनीति में आ गए और भारतीय जनता युवा मोर्चा  बिलासपुर के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1998 में उन्होंने पहली बार बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मौका मिला और बड़े अंतर से वे जीत हासिल की। इसके बाद वे बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र 2003 और 2008 में लगातार विधायक निर्वाचित हुए। छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में जब 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो श्री अग्रवाल वित्त, योजना, आर्थिक सांख्यिकी, वाणिज्यिक कर और नगरीय प्रशासन मंत्री बने। 2006 में उन्हें वित्त के स्थान पर स्वास्थ्य विभाग प्रभार दिया गया। 2008 में श्री अग्रवाल को फिर से वाणिज्यक कर, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग का प्रभार दिया गया। 
मंत्री के रूप में श्री अमर अग्रवाल
श्री अग्रवाल आधा दर्जन से अधिक विभागों के केबिनेट मंत्री हैं। उनके पास वाणिज्यिक कर, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। इतने सारे विभाग होने के बावजूद श्री अग्रवाल का सारे विभागों पर गहरी पकड़ है। उन्हें विभागीय कार्यप्रणाली की बारीकियों की पूरी समझ हैं। वाणिज्यिक कर में टेक्सेशन में तो उनकी विशेषज्ञता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है और वे सात वर्षों में राजस्व को साल दर साल बढ़ाने में सफल रहे हैं। वर्ष 2003 में वाणिज्यिक कर से मिलने वाला पूरा राजस्व एक हजार करोड़ के आसपास के था, जो वर्ष 2010 में बढ़कर साढ़े छह हजार करोड़ रूपए से अधिक हो गया है। यह राजस्व ऐसे ही नहीं बढ़ा, बल्कि इसके लिए श्री अग्रवाल ने पूरे सोच-विचार के साथ रणनीति बनायी और उन स्रोतों को बंद किया जहां से कर अपवंचन होता था। उन्होंने कर संग्रह और कर की अदायगी के लिए विभागीय अधिकारियों और व्यवसाईयों दोनों को मोटीवेट किया। यही कारण ही व्यवसायी स्वप्रेरणा से कर की अदायगी की, लेकिन जहां गड़बड़ी समझ में आयी, छापामार कार्रवाई से वे पीछे नहीं रहे। श्री अग्रवाल ने विभाग की कार्यप्रणाली को भी सरलीकृत किया। उनके निर्देश पर पूरी टेक्सेशन प्रणाली को हाईटेक किया गया। ई-रिटर्न और ई-पेमेंट की शुरूआत की गई, इससे विभाग और व्यवसाईयों दोनों की समय की बचत हो रही है। 
राजस्व मंत्री के रूप में श्री अग्रवाल को आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने में सफलता मिली। उनके प्रयासों से राज्य में कमिश्नर प्रणाली की फिर से शुरूआत की गई। आज राज्य में चार राजस्व संभाग संचालित है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों को तहसील बना दिया गया और पटवारी हल्कांे की संख्या भी 3308 से बढ़ाकर 4843 कर दी गई है। भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण को भी उनकी खास उपलब्धियों में गिना जा सकता है। पुनर्वास मंत्री की हैसियत से श्री अग्रवाल ने अब तक बेहतर पुनर्वास नीति को अमल में लाया है। इसमें औद्योगिक प्रयोजनों से भूमि अधिग्रहित करने पर मिलने वाली मुआवजे की राशि को दस गुना तक बढ़ा दिया गया है।    
श्री अग्रवाल ने आबकारी में शराब दुकानों के आबंटन में हर साल होने वाले विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। उन्होंने ऐसी आबकारी नीति बनायी, जिससे ना केवल सरकार का राजस्व बढ़ा बल्कि शराब दुकानों के आबंटन में पूरी पारदर्शिता आ गई। कम्प्यूटर के माध्यम लॉटरी पद्धति से दुकानों के आबंटन का प्रयोग छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सफल रहा है तथा इससे पक्षपात और विवाद भी हमेशा के लिए समाप्त हो गए। पंजीयन और मुद्रांक शुल्क में भी अनेक सुधार हुए हैं। महिलाओं के पक्ष में सम्पतियों के अंतरण में मुद्रांक शुल्क में दो प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। प्रदेश के सभी पंजीयन दफ्तरों को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है। 
श्री अग्रवाल के पास दूसरा सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण विभाग स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग है। श्री अग्रवाल को 2006 में इस मह्ति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई, तो इसे लेने में उन्हें संकोच और हिचकिचाहट थी। लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पूरा विश्वास था कि श्री अग्रवाल ही इस विभाग की तासीर को बदल सकते हैं। फिर श्री अमर अग्रवाल ने इस विभाग की सर्जरी में जुट गए, इस दौरान उन्हें अनेक कठोर निर्णय भी लेने पड़े। एक तरफ विभाग कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए उन्हें कई अधिकारियों को हटाना पड़ा, वहीं उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ा रूख अख्तियार करते हुए अनेक अधिकारियों को पुलिस के हवाले किया। फिर शुरू हुआ नवसृर्जन का काम। गरीब और कमजोरों के हित में अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए गए। जनकल्याण की नई-नई योजनाएं शुरू की गई, जिससे देश में छत्तीसगढ़ में अलग पहचान बनी। स्वास्थ्य अधोसंरचना में सुधार, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती, चिकित्सा उपकरणों की पूर्ति और स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्परूप छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार हुए, जिसके लिए छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठित जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड भी प्राप्त हुआ।
श्री अग्रवाल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी। पिछले सात वर्षों में 1258 नये उप स्वास्थ्य केन्द्र, 228 नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 34 नये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए। इस दौरान जगदलपुर में नया मेडिकल कॉलेज, तीन होम्योपैथी कॉलेज, एक यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय और पांच नये दंत चिकित्सा महाविद्यालयों की शुरूआत हुई। स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास के फलस्वरूप शिशु मृत्यु दर 76 से घटकर 57 प्रति हजार और मातृ मृत्यु दर 407 से घटकर 335 प्रति लाख हो गई है। विभाग द्वारा 2012 तक शिशु मृत्यु दर को कम कर 30 प्रति हजार और मातृ मृत्यु दर एक सौ प्रति लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए बड़ी संख्या में नये प्रशिक्षण संस्थान खोले गए। राज्य निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ में छह महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्र, चार जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र और तीन पुरूष बहुउद्देशीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण थे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्रों की संख्या 40, जनरल प्रशिक्षण केन्द्रों की संख्या 17 और पुरूष बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्रों की संख्या 36 हो गई है। इन प्रशिक्षण केन्द्रों की वार्षिक क्षमता लगभग ढाई हजार है, इससे राज्य में पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी को बहुत हद तक दूर कर लिया गया है। लगभग 2100 पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश में स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने अनेक जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को भी अमल में लाए मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना, संजीवनी कोष, छत्तीसगढ़ ग्रामीण चिकित्सा सेवा, विकासखंड और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए एम्बुलेंस सेवा आदि ऐसी अभिनव योजनाएं और कार्यक्रम हैं, जिनके बेहतर क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई है। मुख्यमंत्री बाल हृदय, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना और संजीवनी कोष अब तक की सबसे सफल स्वास्थ्य योजनाएं कही जा सकती है। मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना में अब तक डेढ़ हजार से अधिक, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना में 30 और संजीवनी कोष योजना के तहत साढ़े तीन हजार जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। जन स्वास्थ्य से जुड़ी एक और लोकप्रिय योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 22 लाख गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है। अब तक 11 लाख गरीब परिवारों के स्मार्ट कार्ड बन गए हैं। इस स्मार्ट कार्ड के माध्यम से कोई भी परिवार योजना के तहत पंजीकृत किसी भी चिकित्सा संस्था में एक वर्ष मेें तीस हजार रूपए तक का मुफ्त इलाज करा सकता है। इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को प्रथम पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। 
श्री अमर अग्रवाल के स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्धियों की फेहरिस्त वैसे तो बहुत लंबी है, उन सभी का यहां उल्लेख करना संभव नहीं है, फिर भी दवाईयों और उपकरणों की खरीदी में पारदर्शिता लाने के लिए हाल ही में गठित छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा निगम का गठन, रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस. प्रवेश के लिए 50 अतिरिक्त सीटों की स्वीकृति, रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में 50 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था, रायपुर के मेडिकल कॉलेज में कैथलैब, हीमो डायलिसिस की सुविधा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में कैंसर के मरीजों के लिए विश्वस्तरीय लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन, सीटी सिम्युलेरेटर मशीन, एकीकृत तरल ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, ग्रामीण क्षेत्रों में त्रिवर्षीय चिकित्सा पाठयक्रम के साढ़े सात सौ से अधिक छात्रों की ग्रामीण चिकित्सा सहायक के रूप में नियुक्ति, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सप्ताह में एक दिन महिला चिकित्सकों की तैनाती, हर गांव मंजरा टोलों में साठ हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्य मितानिनों की तैनाती, मुख्यमंत्री दवा पेटी योजना और छत्तीसगढ़ में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सिकलसेल सम्मेलन का सफल आयोजन आदि उल्लेखनीय उपलब्धियों में गिना जा सकता है। 
श्री अमर अग्रवाल की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की भावी योजनाएं-
1. आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा- किसी भी जरूरतमंद मरीज को तत्काल अस्पताल तक पंहुचाने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस सेवा 26 जनवरी से छत्तीसगढ़ में शुरू होगी। कोई भी व्यक्ति 108 डायल कर इस एम्बुलेंस की सेवा ले सकता है। प्रदेश भर में 172 एम्बुलेंस तैनात होंगी। 108 डायल करने पर शहरी क्षेत्र में 20 मिनिट और ग्रामीण क्षेत्र में आधे घंटे के भीतर एम्बुलेंस हाजिर होगा।
2.सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम-यह योजना जल्द शुरू होगी, इसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी बच्चों और महिलाओं का तीन वर्ष के भीतर स्क्रीनिंग करके सिकलिंग का पता लगाया जाएगा।
3. ई-महतारी ट्रेकिंग प्रणाली- माता एवं शिशुओं का पूरा रिकार्ड ऑन लाईन में रखा जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य की जांच, गर्भवती माताओं का अस्पताल में प्रसव, टीकाकरण आदि की बेहतर मानीटरिंग होगी।
4.एस.एम.एस. बेस्ड मोबाईल सिस्टम-इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सभी ए.एन.एम. को मोबाईल दिए जाएंगे। जिससे टीकाकरण सहित महामारी आदि की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।
5.मुख्यमंत्री सियान स्वास्थ्य सुरक्षा योजना- इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) के हृदय, किडनी, रक्तचाप की निःशुल्क जांच और निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। 
6.शहरी स्वास्थ्य योजना- इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहर के झुग्गी बस्तियों में ए.एन.एम. और शहरी मितानिनों की व्यवस्था की जाएगी।
7.गोल्डन एवं सिल्वर कार्ड -जनसंख्या स्थरीकरण के लिए एक बच्चे के बाद नसबंदी आपरेशन कराने पर गोल्डन कार्ड और गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों द्वारा दो बच्चों के बाद नसबंदी कराने पर सिल्वर कार्ड दिए जाएंगे। इन दोनों कार्डों पर आकर्षक पैकेज की सुविधा।
8. रायगढ़ में प्रदेश का चौथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना।


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, वाणिज्यिक कर एवं राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल से बातचीत के अंश

* आपके प्रभार में स्वास्थ्य सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण विभाग है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कैसी है ?
-अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं काफी बेहतर हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पंहुच संभव हुई है, वहीं शहरों में विशेषज्ञ सेवाओं में बढ़ोतरी हुई है। किसी भी राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की पहचान उस राज्य के स्वास्थ्य सूचकांकों से होती है। मुझे यह बताने में संतोष होता है कि अनेक स्वास्थ्य सूचकांको में हमने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित की है। वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर 76 थी, जो वर्तमान में घटकर 57 प्रति हजार हो गई है और हम राष्ट्रीय औसत 55 प्रति हजार के काफी नजदीक आ गए हैं। मातृ मृत्यु दर भी 407 से घटकर 335 हो गई है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं। इन्ही उपलिब्धयों के कारण पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठित जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड भी मिला है। वैसे हमने वर्ष 2012 तक शिशु मृत्यु दर 30 प्रति हजार और मातृ मृत्यु दर एक सौ प्रति लाख तक लाने का लक्ष्य रखा है।
* प्रदेश के सबसे बड़े डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार के लिए आप क्या कर रहे हैं ?
-राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। हृदय रोगियों की जांच के लिए यहां पिछले वर्ष अत्याधिुनक कैथलैब की स्थापना की गई है, जहां हृदय रोगियों की निःशुल्क एंज्योग्राफी की जा रही है। हमारी कोशिश है कि इस कैथलैब में हृदय रोगियों को एंज्योप्लास्टिी की सुविधा भी मिले। किडनी के मरीजों के लिए हीमोडायलिसिस मशीन लगाई गई है। कैंसर के मरीजों के लिए अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेटर मशीन भी लगाई जा रही है। इसके अलावा यहां सीटी स्केन, कलर डाप्लर, वेन्टिलेटर, एम.आर.आई., एण्डोस्कोपिक सर्जरी यूनिट, कैंसर के इलाज के लिए कोबाल्ट मशीन एवं ब्रेकीथेरेपी, बच्चों के लिए पीडियाट्रिक्स नियोनेटल केयर यूनिट, बर्न यूनिट, ट्रामा यूनिट और मार्डन ब्लड बैंक सहित वे तमाम सुविधाएं उपलब्ध है, जो किसी भी रोग के इलाज के लिए आवश्यक है।
* स्वास्थ्य अधोसंरचरना उपलब्ध कराने में क्या कभी धन की कमी आई है?
- नहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कभी धन की कमी नहीं हुई है और ना ही आगे होने दी जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बजट हर वर्ष बढ़ा है। वर्ष 2000 में स्वास्थ्य का बजट 200 करोड़ था, जो वर्ष 2010-11 के बजट में बढ़कर लगभग साढ़े नौ सौ करोड़ रूपए हो गया है। 
* छत्तीसगढ़ में वर्तमान में अस्पतालों की क्या स्थिति है ?
- प्रदेश में हम राष्ट्रीय मापदण्डों के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल खोलने में सफल हुए हैं। वर्तमान में 17 जिला अस्पताल, 17 सिविल अस्पताल, 148 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 741 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 5076 उपस्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं। इनमें 1365 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और दस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वंय का भवन नहीं है। वर्ष 2010-11 के बजट में भवनविहीन सभी 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश में कोई भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवनविहीन नहीं रहेगा। इसके साथ इस वर्ष पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और एक सौ उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाएं जाएंगे। ऐसा प्रयास किया जा रहा है कि आने वाले तीन वर्षों में प्रदेश का कोई भी अस्पताल भवनविहीन नहीं रहे। इसके अलावा इस वर्ष पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और तीन सौ नए उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जा रहे हैं। 
* अस्पतालों की तो अच्छी स्थिति है, क्या इन अस्पतालों में डॉक्टर और स्टॉफ भी पर्याप्त संख्या में हैं ?
- यह सही है कि प्रदेश में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और स्टॉफ की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल कोर योजना शुरू की गई है। इसके तहत कठिन और कठिनतम क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों और नर्सों की पदस्थापना पर उन्हें कठिनतम क्षेत्रों में अधिकतम पन्द्रह हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मैं समझता हूं इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों और नर्सों की कमी दूर होगी। इसके अलावा डाक्टरों की भर्ती की कार्रवाई की जा रही है। आयुर्वेद चिकित्सकों और त्रिवर्षीय चिकित्सा पाठ्यक्रम उर्त्तींण छात्रों को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ किया गया है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज का नया बैच निकलने वाला है। रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय में भी एम.बी.बी.एस की पचास सीटें बढ़ी है। रायगढ में भी इस वर्ष चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने की योजना है। इन सबसे भविष्य में छत्तीसगढ़ में चिकित्सकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। 
* क्या मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं?
- वर्तमान में रायपुर, जगदलपुर और बिलासपुर में चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। इसके साथ ही रायगढ़ में भी चिकित्सा महाविद्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आदिवासी बहुत सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में भी मेडीकल कॉलेज खोलने की योजना है। इसके साथ ही निजी भागीदारी से भी राज्य में मेडीकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। इन सबके परिणाम स्वरूप आने वाले तीन-चार वर्षोंं में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
* नर्सिंग स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कर रहें हैं ?
- राज्य बनने के समय छत्तीसगढ़ में नर्सिंग टेªनिंग सेंटर और ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्रों की कमी थी, लेकिन अब इस कमी को काफी हद तक दूर कर लिया गया है। राज्य बनने के समय ए.एन.एम., एमपीडब्ल्यू और नर्सिग प्रशिक्षण के केवल 13 केन्द्र थे। आज शासकीय और निजी संस्थाओं की भागादारी से इनके 62 केन्द्र संचालित हो रहे हैं, जहां लगभग ढाई हजार छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस वर्ष तीन ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र और चार नर्सिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। इनसे नर्सिंग स्टॉफ की कमी भी दूर हो जाएगी।
* स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में मितानिनों की भूमिका को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
-ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मितानिनों की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। छत्तीसगढ़ की मितानिन पूरे देश के लिए रोल मॉडल का काम कर रही हैं। अन्य राज्यों में आशा के नाम से इस कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में लगभग साठ हजार प्रशिक्षित मितानिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही हैं। इनके कार्याें के बदौलत ही छत्तीसगढ़ में मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने में सफलता मिली है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इनके योगदान को देखते हुए इन्हें अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदार बनाया गया है।
*जनसामान्य के स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी कौन सी योजना है, जिसे आप सर्वाधिक सफल मानते हैं ?
- वैसे तो बहुत सी योजनाएं हैं, जो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। लेकिन मैं मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना का विशेष रूप से उल्लेख करना चाहूंगा, क्योंकि यह हमारे नौनिहालों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजना है, जिसमें हृदय रोग से पीड़ित पन्द्रह वर्ष तक के बच्चों के हृदय का निःशुल्क आपरेशन किया जाता है। यह योजना 15 जून 2008 को शुरू की हुई थी और अब तक इसके तहत 1500 से अधिक बच्चों के हृदय का सफलतापूर्वक आपरेशन हो चुका है। आपरेशन में लगभग डेढ़ लाख रूपए का खर्च आता है और यदि हृदय का वाल्ब बदला जाता है तो उसके लिए पचास हजार रूपए अलग से दिए जाते हैं। आपरेशन का पूरा खर्च शासन उठाता है। ऐसे परिवार जो अपने बच्चे का आपरेशन का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है, उनके लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है।
* बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी और भी कोई योजना चल रही है ?
- जी,हां, बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना हाल ही में शुरू की गई है। ’मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना’ के नाम से शुरू की गई इस योजना के तहत प्रदेश के श्रवण बाधित सभी बच्चों का काक्लियर इम्पलांट सर्जरी किए जाने का लक्ष्य है। ऐसे बच्चे, जिन्हें जन्म से ही सुनाई नहीं देता और सुनाई देने वाली मशीन से भी कोई फायदा नहीं होता, उन बच्चों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। काक्लियर इम्पलांट सर्जरी काफी खर्चीली है और गरीब ही नहीं बल्कि सामान्य परिवार भी इसका खर्च नहीं उठा पाते। इसलिए राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों के बच्चों के लिए छह लाख रूपए और सामान्य परिवार के बच्चों के आपरेशन के लिए चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक इस योजना के तहत 29 बच्चों का आपरेशन किया जा चुका है। 
* स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आपकी क्या कार्ययोजना है?
- छत्तीसगढ़ में दवाईयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष तमिलनाडु की तर्ज पर ’चिकित्सा सेवा निगम’ का गठन किया गया है। इस निगम को दवाईयों और उपकरणों की खरीदी के लिए व्यापक अधिकार दिए जा रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कोर के तहत प्रदेश में एम्बुलेंस सेवाओं का व्यापक नेटवर्क स्थापित करने की योजना है। इसके अन्तर्गत प्रदेश के किसी भी कोने से 108 नम्बर डायल करने पर शहरी क्षेत्रों में 22 मिनिट में और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनिट के भीतर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यह योजना 26जनवरी से शुरू हो जाएगी। प्रदेश के भवन विहीन अस्पतालों में भवन निर्माण की भी कार्ययोजना बनाई गई है। इस वर्ष 26 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पांच सामुदायिक भवन, तीन ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र और चार नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र खोले जा रहे हैं। नए अस्पताल खोलने के साथ ही उनके लिए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि आगामी तीन वर्षों में कोई भी अस्पताल भवनविहीन ना रहे।
*आपके पास वाणिज्यिक कर विभाग भी है। यह देखा गया है इस विभाग का राजस्व निरतंर बढ़ा है। राजस्व बढ़ाने के लिए आपने कैसी रणनीति अपनाई?
-राज्य निर्माण के समय कर की दर ज्यादा होने के बावजूद सरकार के खजाने में केवल छह सौ करोड़ आते थे। हमने बिना कर की दर बढ़ाए कर प्रक्रिया का सरलीकरण और युक्तियुक्तकरण किया। हमने उन स्रोतों को भी बंद किया जहां, कर अपंवचन की गुजांईश होती थी। इन सबके फलस्वरूप कर में निरतंर इजाफा हुआ। आज वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन को मिलाकर यह विभाग राज्य सरकार को साढ़े छह हजार करोड़ रूपए से ज्यादा का राजस्व दे रहा है। 
* राजस्व विभाग की उपलब्धियां बताईए ?
-राजस्व विभाग में किसानों की सुविधा के लिए सभी तहसीलों में भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। भुईयां कार्यक्रम के अन्तर्गत किसानों को खसरा, बी-वन और नक्शों की कम्प्यूटराईज प्रतिलिपियां दी जा रही है। दीनदयाल आवास योजना के तहत 43 हजार से अधिक आवासहीनों को नौ सौ वर्गफीट भूमि के पट्टे वितरित किए गए हैं। किसानों की सुविधा के लिए पटवारी हल्कों का पुनर्गठन किया गया है। दो गांवों में एक पटवारी हल्का किए जाने के फलस्वरूप अब राज्य में पटवारी हल्कों की संख्या 3086 से बढ़कर 4843 हो गई है। पटवारियों की कमी को दूर करने के लिए हाल ही में एक हजार से अधिक पटवारियों की सीधी नियुक्ति की गई है। 
* आदर्श पुनर्वास नीति क्या है ?
-छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और वाणिज्यिक परियोजनाओं की स्थापना के लिए अर्जित की जाने वाली भूमि का किसानों को समुचित मूल्य दिलाने के लिए आदर्श पुनर्वास नीति में व्यापक संशोधन किया गया है। इसके अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में दस से बारह गुना तक की वृद्धि की गई है। पहले पड़त भूमि के लिए प्रति एकड़ मुआवजे की राशि पचास हजार रूपए थी, इसे बढ़ाकर छह लाख रूपए प्रति एकड़ कर दी गई है। इसी तरह एक फसली असिंचित भूमि के लिए 75 हजार प्रति एकड़ से बढ़ाकर आठ लाख रूपए और दो फसली सिंचित भूमि की मुआवजे की राशि एक लाख रूपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर दस लाख रूपए प्रति एकड़ कर दी गई है।


स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ निर्माण की सार्थक पहल:स्वास्थ्य विभाग-उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा वर्ष 2010


छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि वर्ष 2010 अनेक उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ को गरीबों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन के भारत सरकार द्वारा पहला पुरस्कार दिया गया, वहीं श्रवण बाधित बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण जैसी अभिनव योजना प्रारंभ की गई। स्वास्थ्य संबंधी नीतियों के निर्माण में भी यह वर्ष छत्तीसगढ़ के लिए उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2010 में नर्सिंग होम अधिनियम और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू किया गया। सरकारी अस्पतालों में दवाईयों और उपकरणों की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन का गठन भी वर्ष के दौरान किया गया। दुर्ग जिले के सुपेला (भिलाई नगर) में एक सौ बिस्तरों वाले नये अस्पताल भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर सिकल सेल बीमारी की गंभीर चुनौती से निबटने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञों का छह दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन राजधानी रायपुर में आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति डॉ. .पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया। कैलेण्डर वर्ष 2010 में ही रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस. पाठयक्रम में प्रवेश के लिए पचास अतिरिक्त सीटें बढ़ीं। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय के 50 सीटों की वृध्दि की गई। वर्ष 2010 की महत्वपूर्ण घटना चक्र निम्नानुसार है:-
जनवरी 2010
§  10 जनवरी    -    पल्स पोलियो अभियान पहला चरण शुरू। 35 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो की दवा।
§  14 जनवरी     -    एलोपेथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा अधिकारी संविदा चिकित्सकों के वेतन में दस हजार रूपए तक की वृध्दि के आदेश जारी।
§  19 जनवरी    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के शासी निकाय की बैठक में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय और पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के सामने रिक्त भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण का निर्णय।
फरवरी 2010
§  5 फरवरी    -    एच.आई.व्ही. पीड़ितों के लिए प्रदेश का पहला ड्रॉप इन सेंटर दुर्ग में शुरू।
§  10 फरवरी     -    कुपोषित बच्चों के इलाज और देखभाल के लिए बीस अस्पतालाें में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना का निर्णय।
§  13 फरवरी     -    स्वास्थ माता स्वस्थ शिशु विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने किया शुभारंभ।
§  18 फरवरी    -    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शासी निकाय की बैठक में 546 करोड़ रूपए की कार्ययोजना अनुमोदित।
§  25 फरवरी     -    प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों को एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराया गया।
§  24 फरवरी     -    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा क्लीनिकल विभागों के लिए 87 डॉक्टरों का चयन।
§  27 फरवरी    -    चेहरे पर लौटी आदिवासी बच्चों की मुस्कान, सरगुजा जिले के  जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में 35 बच्चों के कटे-फटे आठों का हुआ ऑपरेशन।
मार्च 2010
§  03 मार्च    -    स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कांकेर जिले में राशन दुकानों के माध्यम से एक लाख मच्छरदानियों के वितरण का निर्णय।
§  6 मार्च     -    सरगुजा जिले में मुस्कान योजना के तहत 102 बच्चों के कटे-फटे ओठों का ऑपरेशन।
§  7 मार्च     -    121 आयुर्वेद ग्रामों में योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बिलासपुर में शुभारंभ।
§  8 मार्च     -    दंतेवाड़ा में आयोजित नेत्र शिविर में 550 लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।
§  22 मार्च     -    अम्बिकापुर के पास भिट्टी कला में हुई सड़क दुर्घटना में पांच व्यक्तियों की मौत।
§  26 मार्च     -    छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्था (हिंसा तथा सम्पति की क्षति या हानि की रोकथाम) विधेयक विधानसभा में पारित।
§  27 मार्च     -    सहायक होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों के 36 पद स्वीकृत।
अप्रैल 2010
§  6 अप्रैल     -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना का शुभारंभ। योजना के तह अधिकतम 6 लाख रूपए की सहायता का प्रावधान।
§  17 अप्रैल     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर के शासकीय बिलासा महाविद्यालय को 21-21 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्रंथालय का लोकार्पण किया।
§  20 अप्रैल     -    नौ जिलों के 50 सूखा प्रभावित तहसीलों में राहत कार्यों के लिए 25.50 करोड़ रूपए जारी।
§  28 अप्रैल     -    अंधत्व निवारण में भागीदारी एवं गुणवत्ता सुधार पर रायपुर में दो दिवसीय कार्यशाला का स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल द्वारा शुभारंभ।
§  30 अप्रैल    -    एड्स सुरक्षा रिबिन योजना का शुभारंभ। प्रदेश भर में एक ही दिन में पांच लाख लोगों को एड्स सुरक्षा रिबिन का वितरण।
§  30 अप्रैल    -    प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं व्यापक गर्भपात देखभाल विषय पर रायपुर में कार्यशाला सम्पन्न।
मई 2010
§  2 मई    -    स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बिलासपुर में विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ-147 लोगों ने किया रक्तदान।
§  4 मई    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने धमतरी में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया।
§  17 मई    -    छत्तीसगढ़ में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा 108 शुरू करने के लिए राज्य सरकार और जी.व्ही. के. हैदराबाद के बीच हुआ एम..यू.
जून 2010
§  10 जून     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने रायगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री तोडाराम जोगी की प्रतिमा का अनावरण।
§  19 जून     -    मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर, सीटी सिमुलेरेटर मशीन, कैंसर आई.सी.सी.यू., लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट तथा सिकलसेल मोबाईल क्लीनिक का शुभारंभ।
§  23 जून     -    287 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना आदेश जारी।
§  25 जून    -    नक्सल प्रभावित जिलों के समन्वित विकास के लिए 4553.17 करोड रूपए की का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया।
जुलाई 2010
§  02 जुलाई    -    राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से चण्डीगढ़ में छत्तीसगढ़ को मिला पहला पुरस्कार योजना के तहत अब तक 11.61 लाख स्मार्ट कार्ड जारी।
§  8 जुलाई     -    प्रदेश के पांच जिलों में नये कुष्ठ रोगियों के खोज के लिए सेम्पल सर्वे शुरू।
§  09जुलाई    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा दुर्ग जिले के सुपेला (भिलाई नगर) में 2.90 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित एक सौ बिस्तरों वाले लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल भवन का लोकार्पण।
§  10 जुलाई    -    विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई से सभी जिला मुख्यालयों में दो दिवसीय स्वास्थ्य मेलों का आयोजन।
§  15 जुलाई    -    स्वास्थ्य मंत्री ने रायगढ़ जिले के खरसिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण।
§  15 जुलाई    -    21 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों का चयन।
§  19 जुलाई    -    स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जांजगीर में पोषण पुनर्वास केन्द्र का शुभारंभ।
§  25 जुलाई     -    कवर्धा  और रायगढ़ में बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 128 पदों का सर्जन।
§  25 जुलाई     -    गण्डई, कापू और पाटन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने 117 पद स्वीकृत।
§  27 जुलाई     -    रेड रिबिन एक्सप्रेस चांपा पहुंची।
अगस्त 2010
§  23 अगस्त     -    स्वस्थ पाठशाला योजना के तहत 60 लाख से अधिक स्कूली बच्चों के नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का निर्णय।
§  26 अगस्त    -    आपरेशन मुस्कान के तहत चौदह सौ बच्चों के कटे-फटे ओठाें का आपरेशन। मुख्यमंत्री ने की बच्चों से मुलाकात।
सितम्बर 2010
§  4 सितम्बर     -    राज्यपाल श्री शेखर दत्त द्वारा हिस्टेरक्टामी एण्ड इट्स अल्टरनेटिव विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का रायपुर में शुभारंभ।
§  9 सितम्बर     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर में राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ।
§  10 सितम्बर    -    छत्तीसगढ़ को खसरा मुक्त राज्य बनाने के लिए 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय। स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय।
§  10 सितम्बर     -    छत्तीसगढ़ में 223 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों के निर्माण के लिए 25.43 करोड़ रूपए जारी।
§  18 सितम्बर    -    सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन। स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर में किया शुभारंभ।
23 सितम्बर    -    कुपोषित बच्चों के लिए बिलासपुर जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केन्द्र का स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा शुभारंभ।
अक्टूबर 2010
§  2 अक्टूबर     -    महात्मा गांधी की जयंती पर जांजगीर में कुष्ठ विकृति ऑपरेशन शिविर का आयोजन।
§  15 अक्टूबर     -    एड्स से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा बिलासपुर में सूचना केन्द्र का शुभारंभ।
§  21 अक्टूबर    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने बिलासपुर जिले के गौरेला एवं पेन्ड्रा में 2.70 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास।
नवम्बर 2010

§  22 नवम्बर    -    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. .पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा रायपुर में सिकलसेल पर आयोजित छह दिवसीय चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ।
§  22 नवम्बर    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा सिकलसेल मरीजों की जांच के लिए 'सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम' शुरू करने की घोषणा।
§  28 नवम्बर    -    छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन का गठन।
दिसम्बर 2010
§  01 दिसम्बर    -    विश्व एड्स दिवस के अवसर पूरे प्रदेश में निकाली गई रैली।
§  03 दिसम्बर -    हाईड्रोसिल और हार्निया के आपरेशन में छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया कीर्तिमान। 20 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक दो हजार 217 आपरेशन। मुख्यमंत्री ने दी बधाई।
§  07 दिसम्बर -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने रायपुर में मार्डन मोबाईल ब्लड बैंक का शुभारंभ।
§  19 दिसम्बर -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा दुर्ग के शासकीय जिला अस्पताल में जीवन दीप समिति द्वारा जन-सहयोग से निर्मित श्रीमती मूलादेवी सुराना आपात चिकित्सा कक्ष और सेठ रतन चन्द सुराना नेत्र चिकित्सालय का लोकार्पण।
§  22 दिसम्बर    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। विकासखंड और जिला स्तर पर व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित और वरिष्ठ नागरिकाें के स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनाने के निर्देश।
§  24 दिसम्बर    -    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जगदलपुर में शिशु सरंक्षण माह का शुभारंभ।
§  24 दिसम्बर -    राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने जगदलपुर में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की
  • 6 जनवरी २०११-ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गर्भवती माताओं और एक वर्ष तक के सभी बच्चों का ऑन लाईन रिकार्ड रखने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। इसके लिए ई-महतारी के नाम से नयी योजना शुरू की गई है

राजस्व और वाणिज्यिक कर विभाग:वर्ष 2010 में हुए जनहित के अनेक कार्य रायपुर

राजस्व और वाणिज्यिक कर विभाग:वर्ष 2010 में हुए जनहित के अनेक कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व और वाणिज्यिक कर विभागों में भी कैलेण्डर वर्ष 2010 में जनहित के अनेक फैसले हुए और कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गयी।

राजस्व विभाग

§  07 जनवरी     -    सूखा राहत के तहत मजदूरों को मजदूरी का भुगतान बैंकों के माध्यम से करने का निर्णय। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय।
§  30 जनवरी     -    राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत पायलेट प्रोजेक्ट के लिए बिलासपुर जिले का चयन।
§  09 मार्च     -    राज्य में  औद्योगिक एवं वाणिज्यिक परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि अधिगृहित होने पर मुआवजा राशि अधिकतम 10 लाख प्रति एकड़ तक बढ़ोतरी।
§  10 अगस्त -       मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावितों के लिए 138करोड़ रूपए जारी। बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रमुख नदियों में तटबंध बनाने के निर्देश।
§  27 अगस्त -        राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने सरगुजा में की राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा।
§  27 अगस्त    -    राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में जनता को भू-अभिलेखों की प्रतिलिपि कम्प्यूटर से देने की योजना का शुभारंभ किया।
§  31 अगस्त     -    राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने रायपुर में रायपुर संभाग के राजस्व कार्यों की समीक्षा की।
§  24 दिसम्बर    -    राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जगदलपुर में की राजस्व विभाग की समीक्षा की।

वाणिज्यिक कर

§  18 जनवरी    -    वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आबकारी विभाग से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की। शराब के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश।
§  15 फरवरी     -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना 2009 के विजेताओं को पुरस्कार वितरित।
§  26 मार्च     -    छत्तीसगढ़ मनोरंजन शुल्क एवं विज्ञापन कर संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित
§  01 अप्रैल    -    महापुरूषाें के मुद्रित फोटो, केरोसिन बत्ती, स्टोव, तले-भुने चने कर मुक्त। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा अधिसूचना जारी।
§  22 जून     -    बिना हस्ताक्षर के -रिटर्न की सुविधा एक जुलाई से।
§  28 जून    -    व्यवसायियों को रिटर्न जमा करने के लिए एकल  खिड़की प्रणाली शुरू।
§  21 जुलाई    -    डायरेक्ट टू होम (DTH को मनोरंजन कर के दायरे में लाया गया। अधिसूचना जारी
§  8 अक्टूबर    -    छत्तीसगढ़ में विमान ईधन पर वेट की दर 25 प्रतिशत घटाकर 4 प्रतिशत किया गया।
§  11 अक्टूबर    -    उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना 2010 शुरू।
§  01 नवम्बर    -    बकाया राजस्व वसूली के लिए एक नवम्बर से सरल समाधान योजना शुरू। बकायादारों को कुल बकाया राजस्व में 40 प्रतिशत छूट।

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7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया मुकेश भईया ऐसे बहुत सी बाते है जो लोगो को पता नहीं थी उन को आप ने अपने ब्लॉग में लिखी है
    यह तो सच है की अमर भईया जिस भी विभाग के कार्य भार को संभाला है उस की काया पलट गई है
    छह सौ करोड़ से छह हजार करोड़ रूपए से ज्यादा का राजस्व वो भी बिना कर बडाये हुए...
    अमर विकास

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  2. एक अर्किटेक्ट
    एक शिल्पकार
    एक दूरदर्शी
    एक कुशल प्रबंधक
    विकास पुरुष एक नायक एक सहयोगी श्री अमर अग्रवाल

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  3. एक बहुआयामी व्यक्तित्व से परिचय करवाने का आभार!!
    मुकेश जी!!

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  4. बहुत सुन्दर...अच्छा जीवन वृत्त.
    पंकज.

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  5. amar ji sahi me aek bahuaayami partibha ke dhani hee.......jankari ke liye aapka thanks.........devendra....

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