मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

राजस्व और वाणिज्यिक कर विभाग:वर्ष 2010 में हुए जनहित के अनेक कार्य रायपुर

राजस्व और वाणिज्यिक कर विभाग:वर्ष 2010 में हुए जनहित के अनेक कार्य

रायपुर 28 दिसम्बर 2010
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व और वाणिज्यिक कर विभागों में भी कैलेण्डर वर्ष 2010 में जनहित के अनेक फैसले हुए और कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गयी।

राजस्व विभाग

  • 07 जनवरी     -    सूखा राहत के तहत मजदूरों को मजदूरी का भुगतान बैंकों के माध्यम से करने का निर्णय। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय।
  • 30 जनवरी     -    राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत पायलेट प्रोजेक्ट के लिए बिलासपुर जिले का चयन।
  • 09 मार्च     -    राज्य में  औद्योगिक एवं वाणिज्यिक परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि अधिगृहित होने पर मुआवजा राशि अधिकतम 10 लाख प्रति एकड़ तक बढ़ोतरी।
  • 10 अगस्त -       मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावितों के लिए 138करोड़ रूपए जारी। बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रमुख नदियों में तटबंध बनाने के निर्देश।
  • 27 अगस्त -        राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने सरगुजा में की राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा।
  • 27 अगस्त    -    राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में जनता को भू-अभिलेखों की प्रतिलिपि कम्प्यूटर से देने की योजना का शुभारंभ किया।
  • 31 अगस्त     -    राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने रायपुर में रायपुर संभाग के राजस्व कार्यों की समीक्षा की।
  • 24 दिसम्बर    -    राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जगदलपुर में की राजस्व विभाग की समीक्षा की।

वाणिज्यिक कर

  • 18 जनवरी    -    वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आबकारी विभाग से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की। शराब के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश।
  • 15 फरवरी     -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना 2009 के विजेताओं को पुरस्कार वितरित।
  • 26 मार्च     -    छत्तीसगढ़ मनोरंजन शुल्क एवं विज्ञापन कर संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित
  • 01 अप्रैल    -    महापुरूषाें के मुद्रित फोटो, केरोसिन बत्ती, स्टोव, तले-भुने चने कर मुक्त। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा अधिसूचना जारी।
  • 22 जून     -    बिना हस्ताक्षर के ई-रिटर्न की सुविधा एक जुलाई से।
  • 28 जून    -    व्यवसायियों को रिटर्न जमा करने के लिए एकल  खिड़की प्रणाली शुरू।
  • 21 जुलाई    -    डायरेक्ट टू होम (DTH को मनोरंजन कर के दायरे में लाया गया। अधिसूचना जारी
  • 8 अक्टूबर    -    छत्तीसगढ़ में विमान ईधन पर वेट की दर 25 प्रतिशत घटाकर 4 प्रतिशत किया गया।
  • 11 अक्टूबर    -    उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना 2010 शुरू।
  • 01 नवम्बर    -    बकाया राजस्व वसूली के लिए एक नवम्बर से सरल समाधान योजना शुरू। बकायादारों को कुल बकाया राजस्व में 40 प्रतिशत छूट।

दस वर्षों में वाणिज्यिक कर के राजस्व में छह गुना वृध्दि

रायपुर, 9 जनवरी 2010
छत्तीसगढ़ में पिछले दस वर्षों में वाणिज्यिक कर के राजस्व में छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2000-01 में वाणिज्यिक कर के माध्यम से राज्य सरकार को 753.28 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2009-10 में बढ़कर 4545.78 करोड़ रूपए हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि पिछले सात वर्षों में किसी भी वस्तु के कर में वृध्दि नहीं करने बावजूद बेहतर कर प्रबंधन, करों के युक्तियुक्तकरण और उपभोक्ताओं की जागरूकता के फलस्वरूप राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो पायी है। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश में उद्योग और व्यापार का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ, जिससे बड़ी संख्या में पूंजी निवेश के साथ ही व्यापार में बढ़ोतरी हुई है।
    श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में कर प्रणाली में लगातार सुधार किए गए हैं। कर प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया और कर अपवंचन के स्रोतों को बंद किया गया है, जिसके कारण राजस्व में हर वर्ष बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि वर्ष 2000-2001 में प्रदेश में वाणिज्यक कर से केवल 753.28 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, लेकिन इसके बाद राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2001-02 में 1184 करोड़ रूपए, 2002-03 में 1396.31 करोड़ रूपए, 2003-04 में 1577.13 करोड़ रूपए, 2004-05 में 1999.42 करोड़ रूपए, 2005-06 में 2526 करोड़ रूपए, 2006-07 में 3185.97 करोड़ रूपए, 2007-08 में 3578.23 करोड़ रूपए 2008-09 में 4079.62 करोड़ रूपए और वर्ष 2009-10 में 4545.78 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 31 दिसम्बर तक 3595 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है
क्रमांक-5380/कुशराम

स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ निर्माण की सार्थक पहल:स्वास्थ्य विभाग-उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा वर्ष 2010

स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ निर्माण की सार्थक पहल:स्वास्थ्य विभाग-उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा वर्ष 2010

मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना की शुरूआत

मेडिकल कार्पोरेशन का गठन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में राज्य को प्रथम पुरस्कार

रायपुर 28 दिसम्बर 2010
5379-281210
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि वर्ष 2010 अनेक उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ को गरीबों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन के भारत सरकार द्वारा पहला पुरस्कार दिया गया, वहीं श्रवण बाधित बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण जैसी अभिनव योजना प्रारंभ की गई। स्वास्थ्य संबंधी नीतियों के निर्माण में भी यह वर्ष छत्तीसगढ़ के लिए उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2010 में नर्सिंग होम अधिनियम और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू किया गया। सरकारी अस्पतालों में दवाईयों और उपकरणों की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल कार्पोरेशन का गठन भी वर्ष के दौरान किया गया। दुर्ग जिले के सुपेला (भिलाई नगर) में एक सौ बिस्तरों वाले नये अस्पताल भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर सिकल सेल बीमारी की गंभीर चुनौती से निबटने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञों का छह दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन राजधानी रायपुर में आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया। कैलेण्डर वर्ष 2010 में ही रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस. पाठयक्रम में प्रवेश के लिए पचास अतिरिक्त सीटें बढ़ीं। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय के 50 सीटों की वृध्दि की गई। वर्ष 2010 की महत्वपूर्ण घटना चक्र निम्नानुसार है:-

जनवरी 2010

  • 10 जनवरी    -    पल्स पोलियो अभियान पहला चरण शुरू। 35 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो की दवा।
  • 14 जनवरी     -    एलोपेथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा अधिकारी संविदा चिकित्सकों के वेतन में दस हजार रूपए तक की वृध्दि के आदेश जारी।
  • 19 जनवरी    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के शासी निकाय की बैठक में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय और पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के सामने रिक्त भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण का निर्णय।

फरवरी 2010

  • 5 फरवरी    -    एच.आई.व्ही. पीड़ितों के लिए प्रदेश का पहला ड्रॉप इन सेंटर दुर्ग में शुरू।
  • 10 फरवरी     -    कुपोषित बच्चों के इलाज और देखभाल के लिए बीस अस्पतालाें में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना का निर्णय।
  • 13 फरवरी     -    स्वास्थ माता स्वस्थ शिशु विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने किया शुभारंभ।
  • 18 फरवरी    -    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शासी निकाय की बैठक में 546 करोड़ रूपए की कार्ययोजना अनुमोदित।
  • 25 फरवरी     -    प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों को एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराया गया।
  • 24 फरवरी     -    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा क्लीनिकल विभागों के लिए 87 डॉक्टरों का चयन।
  • 27 फरवरी    -    चेहरे पर लौटी आदिवासी बच्चों की मुस्कान, सरगुजा जिले के  जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में 35 बच्चों के कटे-फटे आठों का हुआ ऑपरेशन।

मार्च 2010

  • 03 मार्च    -    स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कांकेर जिले में राशन दुकानों के माध्यम से एक लाख मच्छरदानियों के वितरण का निर्णय।
  • 6 मार्च     -    सरगुजा जिले में मुस्कान योजना के तहत 102 बच्चों के कटे-फटे ओठों का ऑपरेशन।
  • 7 मार्च     -    121 आयुर्वेद ग्रामों में योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन । स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बिलासपुर में शुभारंभ।
  • 8 मार्च     -    दंतेवाड़ा में आयोजित नेत्र शिविर में 550 लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।
  • 22 मार्च     -    अम्बिकापुर के पास भिट्टी कला में हुई सड़क दुर्घटना में पांच व्यक्तियों की मौत।
  • 26 मार्च     -    छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्था (हिंसा तथा सम्पति की क्षति या हानि की रोकथाम) विधेयक विधानसभा में पारित।
  • 27 मार्च     -    सहायक होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों के 36 पद स्वीकृत।

अप्रैल 2010

  • 6 अप्रैल     -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना का शुभारंभ। योजना के तह अधिकतम 6 लाख रूपए की सहायता का प्रावधान।
  • 17 अप्रैल     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर के शासकीय बिलासा महाविद्यालय को 21-21 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्रंथालय का लोकार्पण किया।
  • 20 अप्रैल     -    नौ जिलों के 50 सूखा प्रभावित तहसीलों में राहत कार्यों के लिए 25.50 करोड़ रूपए जारी।
  • 28 अप्रैल     -    अंधत्व निवारण में भागीदारी एवं गुणवत्ता सुधार पर रायपुर में दो दिवसीय कार्यशाला का स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल द्वारा शुभारंभ।
  • 30 अप्रैल    -    एड्स सुरक्षा रिबिन योजना का शुभारंभ। प्रदेश भर में एक ही दिन में पांच लाख लोगों को एड्स सुरक्षा रिबिन का वितरण।
  • 30 अप्रैल    -    प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं व्यापक गर्भपात देखभाल विषय पर रायपुर में कार्यशाला सम्पन्न।

मई 2010

  • 2 मई    -    स्वास्थ्य मंत्री द्वारा बिलासपुर में विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ-147 लोगों ने किया रक्तदान।
  • 4 मई    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने धमतरी में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया।
  • 17 मई    -    छत्तीसगढ़ में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा 108 शुरू करने के लिए राज्य सरकार और जी.व्ही. के. हैदराबाद के बीच हुआ एम.ओ.यू.।

जून 2010

  • 10 जून     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने रायगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री तोडाराम जोगी की प्रतिमा का अनावरण।
  • 19 जून     -    मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर, सीटी सिमुलेरेटर मशीन, कैंसर आई.सी.सी.यू., लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट तथा सिकलसेल मोबाईल क्लीनिक का शुभारंभ।
  • 23 जून     -    287 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना आदेश जारी।
  • 25 जून    -    नक्सल प्रभावित जिलों के समन्वित विकास के लिए 4553.17 करोड रूपए की का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया।

जुलाई 2010

  • 02 जुलाई    -    राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से चण्डीगढ़ में छत्तीसगढ़ को मिला पहला पुरस्कार । योजना के तहत अब तक 11.61 लाख स्मार्ट कार्ड जारी।
  • 8 जुलाई     -    प्रदेश के पांच जिलों में नये कुष्ठ रोगियों के खोज के लिए सेम्पल सर्वे शुरू।
  • 09जुलाई    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा दुर्ग जिले के सुपेला (भिलाई नगर) में 2.90 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित एक सौ बिस्तरों वाले लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल भवन का लोकार्पण।
  • 10 जुलाई    -    विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई से सभी जिला मुख्यालयों में दो दिवसीय स्वास्थ्य मेलों का आयोजन।
  • 15 जुलाई    -    स्वास्थ्य मंत्री ने रायगढ़ जिले के खरसिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण।
  • 15 जुलाई    -    21 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों का चयन।
  • 19 जुलाई    -    स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जांजगीर में पोषण पुनर्वास केन्द्र का शुभारंभ।
  • 25 जुलाई     -    कवर्धा  और रायगढ़ में बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 128 पदों का सर्जन।
  • 25 जुलाई     -    गण्डई, कापू और पाटन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने 117 पद स्वीकृत।
  • 27 जुलाई     -    रेड रिबिन एक्सप्रेस चांपा पहुंची।

अगस्त 2010

  • 23 अगस्त     -    स्वस्थ पाठशाला योजना के तहत 60 लाख से अधिक स्कूली बच्चों के नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का निर्णय।
  • 26 अगस्त    -    आपरेशन मुस्कान के तहत चौदह सौ बच्चों के कटे-फटे ओठाें का आपरेशन। मुख्यमंत्री ने की बच्चों से मुलाकात।

सितम्बर 2010

  • 4 सितम्बर     -    राज्यपाल श्री शेखर दत्त द्वारा हिस्टेरक्टामी एण्ड इट्स अल्टरनेटिव विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का रायपुर में शुभारंभ।
  • 9 सितम्बर     -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर में राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ।
  • 10 सितम्बर    -    छत्तीसगढ़ को खसरा मुक्त राज्य बनाने के लिए 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय। स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय।
  • 10 सितम्बर     -    छत्तीसगढ़ में 223 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों के निर्माण के लिए 25.43 करोड़ रूपए जारी।
  • 18 सितम्बर    -    सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन। स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर में किया शुभारंभ।
23 सितम्बर    -    कुपोषित बच्चों के लिए बिलासपुर जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केन्द्र का स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा शुभारंभ।

अक्टूबर 2010

  • 2 अक्टूबर     -    महात्मा गांधी की जयंती पर जांजगीर में कुष्ठ विकृति ऑपरेशन शिविर का आयोजन।
  • 15 अक्टूबर     -    एड्स से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा बिलासपुर में सूचना केन्द्र का शुभारंभ।
  • 21 अक्टूबर    -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने बिलासपुर जिले के गौरेला एवं पेन्ड्रा में 2.70 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास।
नवम्बर 2010
  • 22 नवम्बर    -    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा रायपुर में सिकलसेल पर आयोजित छह दिवसीय चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ।
  • 22 नवम्बर    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा सिकलसेल मरीजों की जांच के लिए 'सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम' शुरू करने की घोषणा।
  • 28 नवम्बर    -    छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन का गठन।

दिसम्बर 2010

  • 01 दिसम्बर    -    विश्व एड्स दिवस के अवसर पूरे प्रदेश में निकाली गई रैली।
  • 03 दिसम्बर -    हाईड्रोसिल और हार्निया के आपरेशन में छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया कीर्तिमान। 20 नवम्बर से 3 दिसम्बर तक दो हजार 217 आपरेशन। मुख्यमंत्री ने दी बधाई।
  • 07 दिसम्बर -    स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने रायपुर में मार्डन मोबाईल ब्लड बैंक का शुभारंभ।
  • 19 दिसम्बर -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा दुर्ग के शासकीय जिला अस्पताल में जीवन दीप समिति द्वारा जन-सहयोग से निर्मित श्रीमती मूलादेवी सुराना आपात चिकित्सा कक्ष और सेठ रतन चन्द सुराना नेत्र चिकित्सालय का लोकार्पण।
  • 22 दिसम्बर    -    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। विकासखंड और जिला स्तर पर व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित और वरिष्ठ नागरिकाें के स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनाने के निर्देश।
  • 24 दिसम्बर    -    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जगदलपुर में शिशु सरंक्षण माह का शुभारंभ।
  • 24 दिसम्बर -    राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने जगदलपुर में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
क्रमांक-5379/कुशराम
 साभार -
कुशराम जी  

सोमवार, 20 दिसंबर 2010

हम सब को समझाने वाले बड़े भाई हमारे बीच नहीं है-प्रेस क्लब सचिव एवं पत्रकार स्वर्गीय सुशील पाठक

 प्रेस क्लब सचिव एवं पत्रकार स्वर्गीय सुशील पाठक
यह खबर कि सुशील भइया अब हमारे बीच नहीं है आँखों देखने के बाद भी लगता है कि अभी उनकी आवाज आएगी और कहेंगे कि छोटे मे यहाँ हू ,वे भले ही पत्रकार,प्रेस क्लब सचिव रहे लेकिन वो ऐसे अपने रहे कि हमेशा समझाते,हँसते,निर्भीक प्रोत्साहन देते नज़र आये,अगर महीनो उनसे बात नहीं हो तो भी वे नाराज़ होते और हो तो भी लेकिन हमेशा से ही उनकी बातो मे चिंता और लक्ष्य के प्रति सचेतना से कामयाबी की बात का सन्देश मिलता था,दुनियादारी को अच्छी तरह से इतनी कम उम्र मे जानने वाले सुशील भइया बिलासपुर प्रेस जगत के ऐसे सिपाही थे जिन्होंने शशि कोन्हेर जी के साथ प्रेस क्लब के मायने बिलासपुर के सामने रखते हुए ऐसे संगठनात्मक मॉडल रखा जिससे पत्रकार जगत का समाजोउन्मुखी परिदृश्य सामने आया, उनके रहते प्रेस क्लब अपना सा लगता था,वास्तव मे वो कड़ी के रूप थे,क्रिकेट ,योग,सांस्कृतिक कार्यक्रमो मे उनके साथ कि गयी मस्तिया यादे बन गयी है,लेकिन दो  प्यारे -प्यारे बच्चो के पापा अचानक तेजी से बढते बिलासपुर की लच्चर कानून व्यवस्था का शिकार इस तरह होंगे यह दर्दनाक है !

 बस  यह है कि हम सब को समझाने वाले बड़े भाई हमारे बीच नहीं है, 

                          
उन्हें शत शत नमन !



Satyaprakash pandey ji:

"घुन्घरालू",जी हाँ कुछ इसी नाम से मै और मेरे कुछ पत्रकार मित्र उसे बुलाते थे...थे इसलिए कहना पड़ रहा है क्योकि अब वो हमसे काफी दूर जा चूका है...घुन्घरालू नाम मैंने इसलिए रखा था क्योकि उसके करली बाल बेहद आकर्षित करते थे....वो मेरी किसी भी बात पर कभी नाराज नही होता था,अक्सर प्रेस क्लब में वो मुझसे मिलता,देखते ही बोल पड़ता "क्या बात है पांडेयजी बड़े छाए हो टीवी पर,और क्या चल रहा है........"हाँ कभी-कभी हमारे बीच मनमुटाव भी होता लेकिन एक कप चाय की प्याली सारे गिले-शिकवे मिटा देती थी.... हमेशा उसके चेहरे पर खुशियों की लालिमा नजर आती...सभी से कुछ ना कुछ कहते रहना और अपनी बात को बड़ी ही दमदारी से रखना उसकी आदत में शुमार हो चूका था...मेरे घुन्घरालू का असल नाम सुशील पाठक था जिसे लोग "मटरू" के नाम से पुकारते थे...सबका मटरू मेरे लिए घुन्घरालू था,हमेशा रहेगा...कल {19 दिसम्बर} की रात उन सबके लिए मनहूस रही होगी जो मटरू यानि मेरे घुन्घरालू को जानते थे....रोज की तरह वो दफ्तर से काम निपटा कर रात करीब साढ़े १२ बजे घर के लिए निकला...घर यानि सरकंडा चटर्जी गली पहुँचते-पहुंचते करीब २ बज गए...रोज की तरह घर से कुछ ही दूरी पर अपनी कार पार्क कर मटरू नीचे उतरा ही था की पास घात लगाये बैठी मौत ने उसे घेर लिया...कुछ लोगो ने मटरू पर गोलिया दाग दी...उसने भागकर जान बचाने की कोशिश भी की,लेकिन घर की दहलीज से चंद कदमो की दूरी पर ही घुन्घरालू की सांसो ने उससे बेवफाई कर दी....घर में मटरू के आने की उम्मीद में दोनों बच्चे और भाभी सो रहे थे...इधर डोली लेकर आई मौत घुन्घरालू को इस जहाँ से बिदा कराकर ले जा चुकी थी....मटरू की लाश औंधे मुह जमीन पर पड़ी थी और कुछ ही दूरी पर पुलिस रात गश्त के नाम पर अलाव जलाकर वक्त काट रही थी....वारदात की जगह से पुलिस के गस्त पॉइंट की दूरी महज ५० मीटर की रही होगी....इसी बीच एक पत्रकार मित्र का उसी रास्ते से गुजरना हुआ,वो भी अखबार की डियूटी कर घर लौट रहा था....रास्ते में औंधे मुह पड़े एक व्यक्ति को देख उस पत्रकार मित्र ने तफ्तीश की तो पाया की मरनेवाला कोई और नही बल्कि सुशील भाई है....इसके बाद सुरेश पाण्डेय ने मोबाईल पर लगभग सभी को ये विचलित कर देने वाली खबर दी....सब मौके पर जुट गए,खबर की गंभीरता को भाप कर पुलिस के आला अफसरों की तत्परता भी देखने लायक थी....जैसे-तैसे मनहूस रात गुजरी,सुबह जिसे-जिसे खबर मिलती गई वो मटरू को आखरी बार देखने पहुँच गया...इस पूरे वाकये ने जहाँ मिडिया जगत को हिलाकर रख दिया वहीँ बिलासपुर शहर के लोग भी कानून व्यवस्था को कोसते रहे....मटरू की हत्या कोई छोटी-मोटी घटना नही थी,इस बार दहशतगर्दो ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मारकर पुखता प्रमाण दे दिया था की कानून व्यवस्था दहशतगर्दो की चौखट पर सलामी दे रही है.... बदन पर खाकी वर्दी ओढ़े कुछ अफसर और कर्मचारी बीके ईमान की रोटी खाते है ये सुना भर था,देखने का मौका मटरू की मौत के बाद मिला....
मटरू दैनिक भास्कर में काम करता था...वहां कम ही लोग होंगे जो मटरू के अंदाज में नौकरी करते रहे होंगे, बिंदास और बेबाकपन की नौकरी कम ही लोग करते है....करीब डेढ़ दशक पत्रकारिता के मैदान में कलम के दम पर कई जंग फतह करने वाले घुन्घरालू को एक विदेशी हथियार के शोर ने भले ही खामोश कर दिया हो लेकिन मटरू कहूँ या मेरे घुन्घरालू के पीछे चलने वालो के बुलंद हौसले अब भी बरक़रार है.....ज्यादा कुछ लिखा नही जाता इसलिए यही रुककर अपने घुन्घरालू को श्रधा सुमन अर्पित करता हूँ और इश्वर से कामना करता हूँ कि मटरू के परिवार के लोगो को दुःख की बेला में साहस और संबल प्रदान 


स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने स्वर्गीय श्री सुशील पाठक के परिजनों से भेंट कर संवेदना व्यक्त की

घर पहुंचे अमर, एसपी से ली जांच की जानकारी
कलेक्टर, कमिश्नर को बुलाया ,हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश।
नगर विधायक ने जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति पर करीब घंटे भर तक आईजी से चर्चा की एवं निर्देश दिए। 


उन्होंने कमिश्नर आरपी जैन व कलेक्टर सोनमणि बोरा को निवास पर 
बुलाकर लंबी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। श्री अग्रवाल ने पूरे घटनाक्रम के बारे में मुख्यमंत्री को भी जानकारी दी है।स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री अमर अग्रवाल ने मंगलवार को एसपी जयंत थोरात को अपने राजेंद्र नगर स्थित निवास पर बुलाकर जमकर फटकार लगाई। दैनिक भास्कर के वरिष्ठ पत्रकार सुशील पाठक की जघन्य हत्या और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर उन्होंने गहरी चिंता जताई तथा रात्रि गश्त तेज करने के निर्देश दिए। 

सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित
शहर में श्री अग्रवाल के आधा दर्जन से अधिक कार्यक्रम थे। शहर में घटी हृदय विदारक घटना के चलते उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। वे मंगलवार को गर्ल्स डिग्री कॉलेज तथा विनर्स वेली इंग्लिश मीडियम स्कूल के वार्षिकोत्सव के अलावा आनंद मेला में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले थे।
आईजी व कलेक्टर को किया तलब
श्री अग्रवाल सोमवार देर रात रायपुर से बिलासपुर पहुंचे। मंगलवार की सुबह वे अन्य दिनों की अपेक्षा पहले तैयार हो गए थे। सुबह ९.३० बजे उन्होंने आईजी एडी गौतम को तलब किया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने पुलिस जांच के प्रोग्रेस के बारे में जानकारी ली। शाम के वक्त कमिश्नर आरपी जैन व कलेक्टर सोनमणि बोरा सिविल लाइन स्थित मंत्री के आवास पहुंचे। आला अफसरों ने श्री अग्रवाल से बंद कमरे में करीब एक घंटे विचार विमर्श किया।

सुशील पाठक की नृशंस हत्या की सूचना मिलने के बाद राजधानी रायपुर से बीती रात यहां पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने आज शहर में आयोजित अपने विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया। उन्होंने स्व. पाठक के सरकंडा स्थित निवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और उनके परिजन को भरोसा दिलाया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों से उन्होंने शहर व जिले में हो रही घटनाओं के मद्देनजर स्थिति पर कड़ाई से नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। श्री अग्रवाल ने पाठक की हत्या पर गहन शोक जताते हुए घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार सुशील पाठक की हत्या से प्रेस जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। हत्या के षडय़ंत्र में चाहे कितने बड़े ही अपराधी क्यों न शामिल हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। शहर की शांत फिजां को अशांत करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।श्री अग्रवाल के साथ जिला भाजपा के कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि, निगम में नेता प्रतिपक्ष महेश चंद्रिकापुरे, पार्षद दुर्गा सोनी, मंडल अध्यक्ष चंदू मिश्रा, युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किशोर राय सहित बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित थे।
मोमबत्ती जलाकर किया याद-
सिंधी समाज सहित अन्य युवाओं ने मंगलवार को गुरुनानक चौक पर मोमबत्ती जलाकर पत्रकार सुशील पाठक को श्रद्घांजलि दी। इस मौके पर नितेश गेमनानी, राजेंद्र शर्मा, मोती गंगवानी, नीरज गेमनानी, राहुल भुगल, बाबा पांडेय, आशीष तिवारी, योगेंद्र बंजारे, नवीन गंगवानी, जसबीर सिंग, मोनू यादव, नवीन भट्ट आदि मौजूद थे।



सचिन का सफरनामा - साल 1989 से 2010-"सचिन है देश का अभिमान सचिन को मिलना चाहिए 'भारत रत्‍न' सम्मान"

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सचिन का सफरनामा - साल 1989 से 2010 
सचिन तेंडुलकर ने क्रिकेट के मैदान पर 21 साल पूरे कर लिए हैं। इन सालों में मुंबई के इस करिश्माई बल्लेबाज ने कई रिकार्डों को तोड़ा और कई नए कीर्तिमानों को खड़ा किया। साल 2010 में तो जैसे सचिन ने नया इतिहास लिखने की ठान रखी है। वर्ष का आगाज वनडे के ऐतिहासिक दोहरे शतक से और अंत टेस्ट क्रिकेट में शतकों के अर्धशतक से। आंकड़ों के आईने में कैसा रहा सचिन का सफरनामा, आइए इस पर डालते हैं एक नजर-
          1989 में गुजरांवाला (पाकिस्तान) से करियर की शुरुआत
  •  14 अगस्त, 1990 को मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया पहला शतक
  •  21 साल, 96वें शतक (50 टेस्ट, 46 वनडे)
  •  175 मैच, 286वीं पारी में पूरे किए 50 शतक
  •  56.86 की औसत से बनाए 14,502 रन
  •  किसके खिलाफ कितने शतक मारे
  • सर्वाधिक ऑस्ट्रेलिया- 11, श्रीलंका- 9, इंग्लैंड- 7, दक्षिण अफ्रीका- 6, बांग्लादेश- 5, न्यूजीलैंड- 4, वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे- 3, पाकिस्तान- 2
  •  22 भारतीय पिचों पर, 28 विदेशी पिचों पर
  •  2010 में मारे 7 टेस्ट शतक
  •  इस साल दक्षिण अफ्रीका के साथ एक टेस्ट बाकी (26-30 दिसंबर), तोड़ सकते हैं 2006 में पाकिस्तान के मुहम्मद यूसुफ द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में बनाए 1,768 रनों का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
  • 21 साल टेस्ट क्रिकेट खेलने के दौरान सचिन ने छह दोहरे शतक लगाए। हर बार उनसे उम्मीद की गई कि वे लारा को पछाड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बनें। वनडे में वो ऐसा कारनामा (200* रन) कर चुके हैं। उनकी क्षमता और रनों की भूख को देखते हुए आश्चर्य नहीं होगा यदि वे लारा के रिकॉर्ड (400* रन)को पीछे छोड़ दें।
  • मास्टर ब्लास्टर टेस्ट मैचों (50) और वनडे में (46)शतक लगा चुके हैं। इस प्रकार टेस्ट और वनडे मैचों को मिलाकर अब तक 96 शतक ठोक चुके हैं। अब इंतजार उस दिन का है जब सचिन वनडे टेस्ट और वनडे मैचों को मिलकार 100वां शतक ठोंकेंगे।

ऐसे रही शतकों की अर्धशतकीय पारी
1990- पहला शतक
1996- दसवां
1999- बीसवां
2002- तीसवां
2008- चालीसवां
2010- पचासवां



"सचिन है देश का अभिमान सचिन को मिलना चाहिए  'भारत रत्‍न' सम्मान" -सचिन तेंडुलकर की 50वीं टेस्ट शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद ही उनके और डॉन ब्रैडमैन के बीच यह बहस फिर से शुरू हो गई है कि दोनों क्रिकेटरों में से महान कौन है। ऑस्ट्रेलियाई अखबार द्वारा कराए जा रहे ऑनलाइन सर्वे में अभी तक सचिन बढ़त बनाए हैं, जबकि यह प्रक्रिया अभी जारी है।

‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ ने अपने आनलाइन सर्वे में ‘सबसे महान क्रिकेटर- ब्रैडमैन या तेंडुलकर?’ लोगों को वोट करने के लिए कहा है जिसमें 1642 क्रिकेट प्रशंसकों ने अभी तक अपना मत दिया है जिसमें से तेंडुलकर को 63 प्रतिशत मत मिले हैं, जबकि इस ऑस्ट्रेलियाई महान क्रिकेटर के नाम 37 प्रतिशत वोट रहे हैं।

भारतीय समयानुसार यह सर्वे रात आठ बजे शुरू हुआ जो 18 घंटे में समाप्त हो जाएगा। अखबार में एक लेख के मुताबिक कई लोगों ने यह पूछा है कि क्या लिटिल मास्टर और ब्रैडमैन के बीच तुलना करना ठीक है क्योंकि दोनों अलग-अलग युग में खेले हैं।

क्रिकेट लेखक डेनियल लुईस ने पूछा कि तेंडुलकर की महानता काफी बढ़ गई है। 50 टेस्ट शतक जड़ने वाला पहला खिलाड़ी बनने के बाद यह बहस फिर से छिड़ गई है कि दोनों में से महान बल्लेबाज कौन है। क्या यह भारत के 37 वर्षीय मास्टर ब्लास्टर हैं या फिर ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत सर डोनाल्ड ब्रैडमैन? क्या इन दो अलग-अलग युग के दो खिलाड़ियों के बीच तुलना करना उचित है?

लुईस ने कहा कि तेंडुलकर ने 16 वर्ष की उम्र से भारत का प्रतिनिधित्व शुरू कर दिया था और वह तभी से शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने 1990 में अपने नौवें टेस्ट में अपना पहला शतक जमाया था। उनका 50वाँ शतक उनके 175वें टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन मैदान पर बना है, जिससे वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रिकी पोंटिंग से 11 शतक आगे हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने 50वाँ टेस्ट शतक एक रन लेकर बनाया और आकाश की ओर सलामी देकर इसे अपने पिता को समर्पित किया। इस लेख में दोनों महान खिलाड़ियों के बीच की तुलना नंबर से कहीं आगे है।

उन्होंने कहा कि ब्रैडमैन ने 80 पारियों में 29 शतक बनाए हैं, जो प्रत्येक शतक 2.76 पारी के हिसाब से बना है। वहीं तेंडुलकर के 50 शतक 286 पारियों में बने हैं, जिससे प्रत्येक सैकड़ा 5.72 पारी में बना है। फिर इसमें औसत भी काम करता है। ब्रैडमैन का टेस्ट आँकड़ा 99.94 है, जो क्रिकेट आँकड़ों में सर्वश्रेष्ठ है, जबकि तेंडुलकर का औसत 56.89 है। 

दिसंबर 2010 में सचिन तेंडुलकर ने एक बार फिर इतिहास बनाया। लेकिन खेल के मैदान से बाहर। 20 करोड़ का विज्ञापन अनुबंध ठुकरा दिया। ठुकराया इसलिए क्योंकि वह विज्ञापन शराब कंपनी का था। यह उन आलोचकों को बताने के लिए काफी होगा, जिन्हें सचिन सिर्फ पैसे और अपने लिए खेलते नजर आते हैं।

इसी महीने उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 50 वां शतक जड़ा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में। जब एक छोर पर बल्लेबाज खड़े होने के लिए तैयार नहीं थे। सचिन डटे रहे। शतक जड़ दिया। भारत को पारी की हार से बचा नहीं पाए। लेकिन पारी ने फिर से दिल जीत लिया। हालांकि आलोचकों के फिर से वही आरोप कि अपने लिए खेले। लेकिन कहते हैं कि जो जिंदा है, निंदा उसी की होती है। सचिन को इन सबकी आदत हो चुकी है। अगर निंदा की परवाह करते तो ग्वालियर में इस वर्ष एकदिवसीय क्रिकेट में 200 रन नहीं बना पाते। वे वनडे में अब तक 46 शतक लगा चुके हैं। यानी, कुल 96 अंतरराष्ट्रीय शतक। 2011 में कई रिकॉर्ड उनके इंतजार में हैं।

क्यों रहेंगी निगाहें

अंतरराष्ट्रीय 100वां शतक कब लगाएंगे?एकदिवसीय मैचों में 50 शतक का?विश्वकप 2011 में उनके प्रदर्शन पर नजर।

बल्ले की परख

अगले वर्ष तक खुद को फिट रखना।

अभी भी साबित करना कि उनका बल्ला मुश्किल वक्त में भी चलता है।

उनकी उपस्थिति में भारत विश्वकप जीते।

रविवार, 19 दिसंबर 2010

भारत स्वाभिमान मंच के सच्चे सपूत दिवंगत दीक्षित जी की स्मृति मे योग शिविर-पतंजलि योग समिति बिलासपुर


 भारत स्वाभिमान मंच के सच्चे सपूत दिवंगत दीक्षित जी की स्मृति मे योग शिविर संपन्न
    मंजू बहिन ने नैतिक मूल्यों और मोरल एजुकेशन को जीवन मे अपनाने की प्रेरणा दी
        भाई उमेश शिहोते जी ने अपने भजन समूह के साथ मनभावन प्रस्तुति दी

रणजीत हॉल गुरुनानक स्कूल मे भारत स्वाभिमान मंच के सच्चे सपूत दिवंगंत दीक्षित जी की स्मृति मे योग शिविर संपन्न शिविर संपन्न हुआ। शिविर के प्रथम सत्र मे भारत स्वाभिमान मंच के सच्चे सपूत दिवंगत दीक्षित जी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से की प्रार्थना की गयी ,समापन के अवसर पर मंजू बहिन जी ने प्रतियोगी छात्रों को सकरात्मक प्रतिस्पर्धा के प्रयासों के साथ नैतिक मूल्यों और मोरल एजुकेसन को जीवन मे अपनाने की  प्रेरणा दी ।उन्होंने कहा कि चरित्र की शुचिता से ही मानव जीवन मे वास्तविक सफलता अर्जित कर सकता है ,शरीर, मन और आत्मा हर स्तर पर स्वस्थ रहने के लिए योग तथा आसनों का विशेष महत्व है। ऐसी कई विधियाँ हैं जिनका नियमित अभ्यास करके व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ एवं निरोगी बने रह सकता है।ध्यान से मन को विशिष्टता प्राप्त होती है।समापन के अवसर पर भाई उमेश शिहोते जी ने अपने भजन समूह के साथ मनभावन प्रस्तुति दी।
शिविर मे पतंजलि योग समिति बिलासपुर  मुख्य योग सलाहकार और शिक्षिका मंजू बहिन ,सुनील टुटेजा, के.  श्रीवास्तव, विक्रम भाई द्वारा भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाती,अग्नीसार क्रिया,अनुलोम.विलोम प्राणायाम,भ्रामरी प्राणायाम,उद्गीथ प्राणायाम,प्रणव प्राणायाम सहित सूर्यनमस्कार,सुखासन, उष्ट्रासन सिद्धासन,पद्मासन,वज्रासन,भुजंगासन, नौकासन,तितली आसन ,हास्यासन, त्रिकोणासन ,ताड़ासन, सूक्ष्म व्यायामों  के साथ योगनिद्रा  आदि का नियमित अभ्यास कराया गया।शिविर के सफ़ल संचालन मे अनिल गाँधी ,सचदेवा भाई,प्रशांत देवांगन,संजय यादव ,जुगुन भाई आदि लगे रहे ।
स्वर्गीय श्री दीक्षित के निधन पर भावभीनी श्रध्दांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से की प्रार्थना -
भारत स्वाभिमान मंच के सच्चे सपूत दिवंगंत दीक्षित जी को शिविर के प्रथम सत्र मे विनम्र श्रधासुमन अर्पित किये गए। आज से दस वर्ष पूर्व तक अनेक लोग योगसाधना को अत्यंत गोपनीय या असाधारण बात समझते थे। बाबा रामदेव जी ने सरल तरीके से इसे घर घर पंहुचा कर क्रांति का सूत्रपात किया है और भारत सवाभिमान मंच के द्वारा भारत कि कल्याण व प्रगति हेतु क्रय आरम्भ किया गया हैएस्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता के रूप में देश में ख्याति अर्जित करनेवाले राजीव दीक्षित पिछले तीन चार सालों से बाबा रामदेव से जुड़े  थेण्स्वर्गीय श्री दीक्षित ने आजादी बचाओ आंदोलन के माध्यम से देश के लोगों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का अथक प्रयास कियाण् दिवंगत दीक्षित वर्ष 1986 में स्वदेशी जागरण मंच से जुड़ने के बाद समग्र भारत में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग व विदेशी वस्तुओं का परित्याग करने का जो प्रचार.प्रसार शुरू किया थाए उसका व्यापक असर हुआ और इसी से श्री दीक्षित ने देश में अपनी एक अलग पहचान बनाने के साथ एक प्रखर वक्ता के रूप में प्रसिद्धि पाई। बाद में स्वामी रामदेव ने उन्हें पतांजलि योग समिति व भारत स्वाभिमान से जोड़ा। रामदेव बाबा के सानिध्य में श्री दीक्षित ने पतांजलि योग समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में देश में भ्रष्टाचारए भ्रष्ट नेताओंए स्विस बैंक में जमा भ्रष्ट नेताओं के पैसे समेत अन्य मुद्दों को लेकर अलख जगाई व उनके कार्य देश को आगे बढ़ाने तथा लोगों में स्वाभिमान की भावना बढ़ाने में काफी सार्थक सिध्द हुए हैं,लेकिन ३० नवम्बर २०१० भिलाई में अचानक उनके सीने में दर्द हुआ जिसके बाद उन्हें हृदयाघात हो गया, इस तरह वे एकाएक हम सभी को अकेला छोड़ गए ।
16 DEC-20-DEC 2010

शनिवार, 4 दिसंबर 2010

उड़ान की प्रगतिशीलता !

उड़ान की प्रगतिशीलता....!

ब्रम्हाण्ड में ऊर्जा के अविरल स्त्रोत होते है । विचारों की संप्रेषणशीलता आकर्षण के सकारात्मक बनाम नकरात्मक प्रतीकों से मूर्त-रूप प्राप्त करती है । जीवन की सार्थकता प्रगतिशील प्रयासों में है, न कि रूढ़िवादी संदर्भो में । पं. विजय शंकर मेहता जी हनुमान चालीसा के माध्यम से जीवन प्रबंधों की व्याख्या इन्हीं मायनों में की है । हम सबके अद्धेय, परम पूज्यनीय छत्तीसगढ़ के पितृ पुरूष स्व. लखीराम जी अग्रवाल (काका जी) ऐसे ही जीवंत प्रतीक है, जिन्होंने विकास पथ पर नव छत्तीसगढ़ के सूर्य रश्मियों को ऊर्जा दी और वे सदैव हम सभी को कर्म पथ पर उड़ान का संदेश देते रहे उन्हीं की प्रेरणा को अपने शब्द में ‘‘ उड़ान की गतिशीलता शीर्षक’’ से व्यक्त करने का प्रयास कर रहा हूं ।
            उड़ान में है प्रगतिशीलता, एक प्रगतिशील छलांग तो मारो रे !
        रूढ़िवादी नहीं जीवनपथ, प्रगतिशील कर्म कर डालो रे !
    जीवनपथ की शूलशिखा में जो पला बढ़ा है  -2
        सामाजिकता के आयामों में गिरके जो पुनः खड़ा है -2
    जिसनें स्वर्णाभूषणों को त्याजा और पाहन तोड़ा है
        जो पूंजीवाद रथ का घोड़ा नहीं जिसने खुद को हम सब से जोड़ा है
    वह इस धरा मैं मरा नहीं
        वह तो कृष्णामयी अमर है !
    ढूढ़ रहा तू किसको खुद में तुझे कहॉं खबर है
        कर्मरथ पर मरता नहीं है कोई, वह तो अजर है वह अमर है  !
इसलिए,
    राग विराग की बांहे छोड़ो, प्रेम-स्नेह का बल्ला संभालो रे
        चट्टानों से दूध निकालो पर पानी तो बचा लो रे
    है रूकी धार शिलाएॅं जहॉं, दो वृक्ष दो कोपल तो लगा लो रे
        सूर्य ऋचाओं का अस्तित्व न तोड़ो, तारे बन टिमटिमा लो रे
    उड़ान में है प्रगतिशीलता, एक प्रगतिशील छलांग तो मारो रे !
        देखो ! देखो -कहीं उद्देश्य जन्म का निशीथ न हो पाए-2
    मान-अभिमान का काल न हो जाए-2
        आंतरिकता को जोड़ो घर -देश को संभालों रे
    फंसा लोकतंत्र चौपायो में, कोई तो बाहर निकालो रे
        उड़ान में है प्रगतिशीलता, एक प्रगतिशील छलांग तो मारो रे !
कहा गया है कि:-
    प्रेम-स्नेह, सद्भाव सामंजस्य ही उड़ान की प्रगतिशीलता है
        जैसा ऊपर - वैसा नीचे, जैसा अंदर-वैसा बाहर फूल खिलता है
    सेल्फ प्रमोशन एवं छपास से दो दिन से ज्यादा का सुख नहीं मिलता है इसलिए,
    तोड़ो-तोड़ो, तोड़ो-तोड़ो अहम, जागृत स्वयं को कर डालो रे,
        उड़ान में है प्रगतिशीलता, एक प्रगतिशील छलांग तो मारो रे !
        सोने की जंजीरों में जकड़ा जिसने खुद को
        वह सोना का कहॉं-खरा-खरा है ?
    धातुई होती है चुभन इसलिए
        स्वर्णिम जीवन भी तकलीफों से भरा है ।
        लेकिन कर्मपथ पर बढ़ने वाला, आप बताएॅं कहॉं - मरा है, कहॉं मरा है ?  
    अतः मृत्यु शैय्या यदि मिले यमराज भी तो प्रगतिशील धक्का मारो रे,
        जीवन के मैदान पर हर बाल में चौका-छक्का मारो रे,
    उड़ान में है प्रगतिशीलता, एक प्रगतिशील छलांग तो मारो रे ।।
                                                                                   मुकेश अग्रवाल

माननीय मुखयमंत्री डॉ .रमन सिंह जी की विगत मासों मे बिलासपुर प्रवास - झलकिया !2010



माननीय मुखयमंत्री डॉ. रमन  सिंह जी की विगत मासों मे बिलासपुर प्रवास झलकिया !